Tripindi Shradha Puja
Pandit Madhav Shastri

त्रिपिंडी श्राद्ध पूजाTripindi Shradha Puja

पितृ दोष, पूर्वजों की अतृप्त आत्माओं की शांति एवं जीवन में आने वाली बाधाओं के निवारण हेतु त्र्यंबकेश्वर (नाशिक) में विधि-विधान से त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा कराएं। पितरों की शांति, परिवार में सुख-समृद्धि, वंश वृद्धि एवं शुभ फल प्राप्ति के लिए अनुभवी पंडित जी से संपर्क करें।

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त्रिपिंडी श्राद्ध पूजापंडित माधव शास्त्री गुरुजी: त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा विशेषज्ञ

पंडित माधव शास्त्री गुरुजी एक अनुभवी और प्रसिद्ध Tripindi Shraddha Puja Expert (त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा विशेषज्ञ) हैं, जो वर्षों से श्रद्धालुओं के लिए त्र्यंबकेश्वर धाम में पूरी विधि-विधान और वैदिक परंपराओं के अनुसार Tripindi Shraddha Puja (त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा), Pitru Dosh Puja (पितृ दोष पूजा) और Narayan Nagbali Puja (नारायण नागबलि पूजा) संपन्न करा रहे हैं।

पंडित माधव शास्त्री गुरुजी विशेष रूप से पितृ दोष, पूर्वजों की अतृप्ति, पितरों से संबंधित दोष, पारिवारिक अशांति, वंश वृद्धि में बाधा और जीवन में बार-बार आने वाली समस्याओं के निवारण हेतु त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा कराने के लिए जाने जाते हैं। गुरुजी द्वारा वैदिक विधि-विधान से कराए जाने वाले अनुष्ठानों का उद्देश्य पितरों की शांति, उनका आशीर्वाद प्राप्त करना तथा परिवार में सुख-शांति और सकारात्मक वातावरण की कामना करना है।

श्रद्धा और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विधिपूर्वक त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा करने से पितरों की शांति, पितृ दोष के प्रभावों में कमी, पारिवारिक सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और जीवन में आने वाली बाधाओं के निवारण की कामना की जाती है।

गुरुजी द्वारा की जाने वाली प्रमुख सेवाएं:

  • Tripindi Shraddha Puja for Pitru Dosh Nivaran (पितृ दोष निवारण हेतु त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा) कुंडली में माने जाने वाले पितृ दोष और पूर्वजों से संबंधित दोषों के निवारण एवं पितरों की शांति के लिए वैदिक विधि से विशेष त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा।
  • Tripindi Shraddha Puja for Ancestors Peace (पूर्वजों एवं पितरों की शांति हेतु पूजा) अतृप्त पितरों की शांति, सद्गति और पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना से विधि-विधानपूर्वक किया जाने वाला विशेष अनुष्ठान।
  • Tripindi Shraddha Puja for Family Peace & Prosperity (पारिवारिक सुख, शांति और समृद्धि हेतु पूजा) परिवार में बार-बार होने वाले विवाद, अशांति और जीवन में आने वाली बाधाओं के निवारण तथा सुख-समृद्धि की कामना के लिए त्रिपिंडी श्राद्ध अनुष्ठान।
  • Tripindi Shraddha Puja for Child / Progeny Growth (वंश वृद्धि एवं संतान सुख हेतु पूजा) धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृ दोष के कारण वंश वृद्धि और संतान सुख में मानी जाने वाली बाधाओं के निवारण तथा पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु विशेष पूजा।
  • Tripindi Shraddha Puja for Obstacle Removal (जीवन की बाधाओं एवं संकटों के निवारण हेतु पूजा) जीवन में बार-बार आने वाली समस्याओं, कार्यों में रुकावटों और पारिवारिक परेशानियों के निवारण तथा सकारात्मक परिवर्तन की कामना से किया जाने वाला वैदिक अनुष्ठान।
  • Tripindi Shraddha Puja for Spiritual & Mental Peace (मानसिक शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति हेतु पूजा) मन की शांति, सकारात्मक ऊर्जा, पितरों के प्रति धार्मिक कर्तव्यों की पूर्ति और आध्यात्मिक उन्नति की कामना से विधिपूर्वक त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा।
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त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा (Tripindi Shraddha Puja) के बारे में

Tripindi Shraddha Puja (त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा) सनातन धर्म में पितरों की शांति और पूर्वजों के प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण और पवित्र वैदिक अनुष्ठान माना जाता है। यह पूजा विशेष रूप से पितृ दोष, पूर्वजों की अतृप्ति, लंबे समय से श्राद्ध कर्म न होने तथा पितरों से संबंधित बाधाओं के निवारण की कामना से की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि परिवार में लंबे समय तक विधिपूर्वक श्राद्ध कर्म न किया गया हो या पितरों से संबंधित दोष माने जाते हों, तो परिवार के सदस्यों को जीवन में विभिन्न प्रकार की बाधाओं और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

Tripindi Shraddha Puja (त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा) विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण और फलदायी मानी जाती है जो:

  • पितृ दोष या पूर्वजों से संबंधित बाधाओं से प्रभावित माने जाते हैं।
  • परिवार में बार-बार होने वाली अशांति, कलह और समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
  • जीवन में लगातार बाधाओं, असफलताओं और कार्यों में रुकावटों का अनुभव कर रहे हैं।
  • संतान प्राप्ति या वंश वृद्धि में आने वाली बाधाओं के निवारण की कामना रखते हैं।
  • व्यापार, नौकरी या आर्थिक स्थिति में बार-बार आने वाली परेशानियों से मुक्ति की कामना करते हैं।
  • पितरों की शांति, सद्गति और पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं।

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग क्षेत्र में वैदिक विधि-विधान से की जाने वाली यह पूजा पितरों की शांति, पितृ दोष के प्रभावों के निवारण और परिवार में सुख-समृद्धि एवं सकारात्मक वातावरण की कामना के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा और विधिपूर्वक त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा करने से पितरों की शांति एवं सद्गति की कामना की जाती है तथा परिवार पर पूर्वजों का आशीर्वाद बना रहने की प्रार्थना की जाती है।

इस पवित्र अनुष्ठान को पंडित माधव शास्त्री गुरुजी द्वारा वैदिक रीति-रिवाजों और धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूर्ण विधि-विधान से संपन्न कराया जाता है।

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त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा के लाभ (Tripindi Shraddha Puja Benefits)

Tripindi Shraddha Puja (त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा) करने से धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भक्तों को अनेक आध्यात्मिक, मानसिक एवं पारिवारिक लाभ प्राप्त होने की कामना की जाती है:

  • Pitru Dosh Nivaran (पितृ दोष का निवारण) कुंडली में माने जाने वाले पितृ दोष के प्रभावों को कम करने और पितरों की शांति हेतु विशेष अनुष्ठान।
  • Peace & Salvation for Ancestors (पूर्वजों की शांति एवं सद्गति) अतृप्त पितरों की शांति, सद्गति और पूर्वजों की आत्मिक तृप्ति की कामना।
  • Relief from Ancestral Problems (पूर्वजों से संबंधित बाधाओं से मुक्ति) पितरों और पूर्वजों से संबंधित मानी जाने वाली समस्याओं एवं जीवन में बार-बार आने वाली बाधाओं के निवारण की कामना।
  • Family Peace & Harmony (पारिवारिक सुख-शांति और आपसी प्रेम में वृद्धि) परिवार में अशांति, विवाद और आपसी मतभेदों को दूर कर सुख-शांति एवं सकारात्मक वातावरण की प्राप्ति की कामना।
  • Obstacle Removal in Childbirth / Progeny (संतान सुख एवं वंश वृद्धि में आ रही बाधाओं का निवारण) पितृ दोष के कारण संतान प्राप्ति और वंश वृद्धि में मानी जाने वाली बाधाओं के निवारण तथा पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु पूजा।
  • Financial Stability & Prosperity (आर्थिक स्थिरता एवं सुख-समृद्धि की प्राप्ति) जीवन में आने वाली आर्थिक परेशानियों और धन संबंधी बाधाओं के निवारण तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना।
  • Removal of Career & Business Obstacles (नौकरी, व्यवसाय एवं करियर की बाधाओं का निवारण) व्यापार, नौकरी और कार्यक्षेत्र में बार-बार आने वाली रुकावटों एवं परेशानियों के निवारण और उन्नति की कामना।
  • Mental Peace & Positive Energy (मानसिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति) मानसिक अशांति, तनाव और नकारात्मक विचारों से राहत तथा मन की शांति और सकारात्मक वातावरण की प्राप्ति की कामना।
  • Fulfillment of Ancestral Duties (पितृ ऋण एवं धार्मिक कर्तव्यों की पूर्ति) पूर्वजों के प्रति श्रद्धा प्रकट करने, पितृ कर्तव्यों का पालन करने और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान।
  • Spiritual Growth & Ancestral Blessings (आध्यात्मिक उन्नति एवं पितरों का आशीर्वाद) आध्यात्मिक शांति, धार्मिक पुण्य और परिवार पर पूर्वजों की कृपा एवं आशीर्वाद बने रहने की कामना।

यह पवित्र अनुष्ठान पितरों की शांति, पितृ दोष के निवारण और पूर्वजों से संबंधित मानी जाने वाली बाधाओं को दूर करने की कामना से किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विधिपूर्वक त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा करने से परिवार में सुख, शांति, समृद्धि एवं सकारात्मक वातावरण की प्राप्ति की कामना की जाती है।

त्र्यंबकेश्वर में पंडित माधव शास्त्री गुरुजी द्वारा वैदिक रीति-रिवाजों एवं पूर्ण विधि-विधान से संपन्न कराई जाने वाली Tripindi Shraddha Puja (त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा) पितरों की शांति, सद्गति एवं उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान मानी जाती है।

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Why Choose Us (हमें क्यों चुनें)

  • अनुभवी Tripindi Shraddha Puja Expert Pandit (त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा विशेषज्ञ पंडित)
  • शास्त्रोक्त और शुद्ध Tripindi Shraddha Puja Vidhi (शास्त्रों के अनुसार संपूर्ण त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा विधि)
  • त्र्यंबकेश्वर धाम (नाशिक) में प्रामाणिक एवं विधि-विधान से त्रिपिंडी श्राद्ध अनुष्ठान
  • कुंडली विश्लेषण एवं पितृ दोष और पूर्वजों से संबंधित समस्याओं के अनुसार व्यक्तिगत धार्मिक मार्गदर्शन
  • पितृ दोष निवारण, पितरों की शांति एवं पूर्वजों की सद्गति की कामना हेतु विशेष त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा
  • दूर रहने वाले श्रद्धालुओं के लिए लाइव पूजा / वीडियो कॉल की सुविधा
  • उचित पूजा सामग्री, पारदर्शी व्यवस्था एवं संपूर्ण धार्मिक मार्गदर्शन

हम प्रत्येक श्रद्धालु की व्यक्तिगत परिस्थितियों, पारिवारिक समस्याओं और कुंडली में माने जाने वाले पितृ दोष एवं पूर्वजों से संबंधित दोषों का अध्ययन कर शास्त्रों एवं वैदिक परंपराओं के अनुसार उचित Tripindi Shraddha Puja (त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा) संपन्न कराते हैं, ताकि पितरों की शांति एवं सद्गति की कामना की जा सके और श्रद्धालु अपने पूर्वजों का आशीर्वाद, मानसिक शांति, पारिवारिक सुख-समृद्धि तथा जीवन में सकारात्मकता प्राप्त कर सकें।

त्र्यंबकेश्वर में पंडित माधव शास्त्री गुरुजी द्वारा वैदिक रीति-रिवाजों और पूर्ण विधि-विधान से कराई जाने वाली Tripindi Shraddha Puja (त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा) पितरों की शांति, पितृ दोष निवारण एवं पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना के लिए एक विश्वसनीय और महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान मानी जाती है।

Tripindi Shradha Puja

How To Perform Tripindi Shraddha Puja? (त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा कैसे करें?)

  • Choose the Right Date (सही तिथि का चयन) त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा त्र्यंबकेश्वर धाम में योग्य एवं वेदज्ञ पंडित के मार्गदर्शन में शास्त्रोक्त नियमों के अनुसार उपयुक्त तिथि और समय पर की जानी चाहिए।
  • Wake Up Early & Take Bath (जल्दी उठें और स्नान करें) पूजा के दिन प्रातःकाल उठकर पवित्र स्नान करें तथा स्वच्छ और सात्विक वस्त्र धारण करें। श्रद्धा एवं शुद्ध भाव से पितरों का स्मरण करते हुए पूजा के लिए तैयार हों।
  • Reach the Holy Puja Place (पवित्र पूजा स्थल पर पहुंचें) त्र्यंबकेश्वर में निर्धारित पूजा स्थल पर पहुंचकर पंडित जी के मार्गदर्शन में आवश्यक पूजा सामग्री की व्यवस्था एवं त्रिपिंडी श्राद्ध अनुष्ठान की तैयारी करें।
  • Sankalp for Ancestors (पितरों की शांति हेतु संकल्प लेना) पंडित जी के मार्गदर्शन में जल, अक्षत और पुष्प लेकर अपने गोत्र एवं पूर्वजों का स्मरण करते हुए पितरों की शांति, सद्गति और पितृ दोष के निवारण की कामना से पूजा का संकल्प लिया जाता है।
  • Invocation of Ancestors (पितरों का आवाहन) वैदिक मंत्रोच्चार एवं शास्त्रोक्त विधि से पूर्वजों और पितरों का आवाहन किया जाता है तथा उनकी शांति और तृप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • Tripindi Shraddha Ritual (त्रिपिंडी श्राद्ध अनुष्ठान) शास्त्रोक्त विधि के अनुसार तीन पिंड अर्पित करके त्रिपिंडी श्राद्ध का मुख्य अनुष्ठान संपन्न किया जाता है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार यह विधि पितरों की शांति, तृप्ति एवं सद्गति की कामना से की जाती है।
  • Pind Daan & Tarpan (पिंडदान एवं तर्पण) पूर्वजों की शांति और तृप्ति के लिए विधिपूर्वक पिंडदान एवं तर्पण किया जाता है। जल, तिल एवं अन्य निर्धारित सामग्री अर्पित कर पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की जाती है।
  • Mantra Chanting & Puja Rituals (मंत्र जाप एवं वैदिक पूजा विधि) योग्य पंडित जी द्वारा वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते हुए शास्त्रोक्त पूजा विधियां संपन्न कराई जाती हैं तथा पितरों की शांति और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की जाती है।
  • Havan & Purnahuti (हवन एवं पूर्णाहुति) अनुष्ठान के अंत में परंपरा एवं पूजा विधि के अनुसार हवन किया जाता है और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूर्णाहुति अर्पित कर पूजा की सफलता की कामना की जाती है।
  • Brahmin Bhojan & Donation (ब्राह्मण भोजन एवं दान-दक्षिणा) पूजा संपन्न होने के बाद धार्मिक परंपराओं के अनुसार ब्राह्मण भोजन कराया जाता है तथा सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र एवं दक्षिणा प्रदान की जाती है।
  • Seek Ancestors' Blessings (पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करें) पूजा पूर्ण होने के बाद पितरों, भगवान त्र्यंबकेश्वर एवं देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त कर परिवार के सुख, शांति, वंश वृद्धि और समृद्धि की प्रार्थना की जाती है।
  • Completion of Tripindi Shraddha Puja (त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा की पूर्णाहुति) संपूर्ण वैदिक एवं शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा की पूर्णाहुति की जाती है तथा पितरों की शांति, सद्गति, पितृ दोष के प्रभावों के निवारण और परिवार में सुख-समृद्धि एवं सकारात्मकता की कामना की जाती है।

यह पवित्र अनुष्ठान त्र्यंबकेश्वर में पंडित माधव शास्त्री गुरुजी द्वारा वैदिक परंपराओं एवं शास्त्रोक्त विधि-विधान से संपन्न कराया जाता है, जिससे श्रद्धालु अपने पूर्वजों के प्रति धार्मिक कर्तव्यों का पालन करते हुए पितरों की शांति, सद्गति एवं आशीर्वाद की कामना कर सकें।

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Tripindi Shraddha Puja Vidhi Samagri (त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा सामग्री)

त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा के लिए आवश्यक मुख्य सामग्रियां इस प्रकार हैं:

  • गंगाजल – पूजा स्थल, पूजन सामग्री एवं अनुष्ठान के शुद्धिकरण के लिए
  • अक्षत (चावल) – संकल्प, देव पूजन एवं अन्य धार्मिक क्रियाओं के लिए
  • कुशा (Kusha Grass) – संकल्प, पितृ तर्पण एवं वैदिक श्राद्ध कर्म के लिए
  • काले तिल (Black Sesame Seeds) – पितरों के तर्पण एवं श्राद्ध संबंधी धार्मिक क्रियाओं के लिए
  • जौ (Yav) – पिंड निर्माण, तर्पण एवं वैदिक अनुष्ठान में उपयोग हेतु
  • चावल एवं आटा – शास्त्रोक्त विधि के अनुसार पिंड निर्माण एवं पितरों को अर्पण करने के लिए
  • दूध, दही, घी, शहद एवं शक्कर – पंचामृत, पूजन एवं निर्धारित धार्मिक क्रियाओं के लिए
  • हल्दी, कुमकुम, रोली एवं चंदन – देव पूजन, तिलक एवं पूजा की अन्य शुभ विधियों के लिए
  • धूप, अगरबत्ती एवं दीपक – पूजा स्थल की पवित्रता, देवताओं के आवाहन एवं दीप प्रज्वलन के लिए
  • देसी घी – दीपदान, पूजन एवं आवश्यकता के अनुसार हवन कार्य के लिए
  • पुष्प एवं पुष्पमाला – भगवान, देवी-देवताओं एवं पितरों के पूजन और अर्पण हेतु
  • तुलसी पत्र एवं अन्य पवित्र पत्र – शास्त्रोक्त परंपरा एवं पंडित जी के निर्देशानुसार पूजा में अर्पण हेतु
  • पान, सुपारी, लौंग एवं इलायची – पूजा अर्पण, देव पूजन एवं धार्मिक भेंट के लिए
  • मौसमी फल एवं मिठाई – नैवेद्य, भोग एवं प्रसाद के लिए
  • कलावा (रक्षा सूत्र) – संकल्प, पूजा स्थापना एवं धार्मिक विधियों के लिए
  • तांबे का कलश, पंचपात्र एवं पूजन पात्र – तर्पण, संकल्प एवं अन्य वैदिक विधियों को संपन्न करने के लिए
  • तीन पिंडों के निर्माण हेतु आवश्यक सामग्री – त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा के मुख्य अनुष्ठान में पितरों की शांति एवं तृप्ति की कामना से तीन पिंड अर्पित करने हेतु
  • सफेद वस्त्र (धोती, उपरणा आदि) – पूजा के दौरान धारण करने एवं आवश्यकता के अनुसार दान हेतु
  • आसन एवं पूजन वस्त्र – पूजा में बैठने, पूजन सामग्री स्थापित करने एवं वैदिक अनुष्ठान संपन्न करने के लिए
  • हवन सामग्री एवं समिधा – परंपरा एवं पूजा विधि के अनुसार हवन और पूर्णाहुति के लिए
  • ब्राह्मण भोजन एवं दान सामग्री – अनुष्ठान के समापन पर धार्मिक परंपराओं के अनुसार भोजन, अन्न, वस्त्र एवं दक्षिणा प्रदान करने के लिए
  • विशेष Tripindi Shraddha Puja Samagri – परिवार की परंपरा, पूजा की आवश्यकता एवं पंडित जी के निर्देशानुसार उपयोग की जाने वाली अतिरिक्त वैदिक सामग्री

पंडित माधव शास्त्री गुरुजी के अनुसार: त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा की सामग्री यजमान की पारिवारिक परंपरा, गोत्र, अनुष्ठान की विधि एवं धार्मिक आवश्यकताओं के अनुसार भिन्न हो सकती है। इसलिए पूजा से पूर्व योग्य पंडित जी से संपूर्ण Tripindi Shraddha Puja Samagri List (त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा सामग्री सूची) एवं आवश्यक धार्मिक मार्गदर्शन प्राप्त करना उचित माना जाता है।

त्र्यंबकेश्वर में पंडित माधव शास्त्री गुरुजी द्वारा सभी आवश्यक पूजा सामग्री एवं वैदिक व्यवस्थाओं के साथ शास्त्रोक्त विधि-विधान से Tripindi Shraddha Puja (त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा) संपन्न कराई जाती है, जिससे श्रद्धालु विधिपूर्वक पितृ कर्म करते हुए पितरों की शांति, सद्गति एवं आशीर्वाद की कामना कर सकें।

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Tripindi Shraddha Puja Vidhi Cost (त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा खर्च)

  • Tripindi Shraddha Puja (त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा) – ₹3,100 से शुरू
  • Tripindi Shraddha & Pitru Dosh Puja (त्रिपिंडी श्राद्ध एवं पितृ दोष निवारण पूजा) – ₹5,100 से शुरू
  • Tripindi Shraddha with Narayan Nagbali Puja (त्रिपिंडी श्राद्ध एवं नारायण नागबलि पूजा) – ₹12,000 से शुरू

विशेष नोट: पूजा का कुल खर्च श्रद्धालुओं की संख्या (सामूहिक या व्यक्तिगत पूजा), पूजा सामग्री, ब्राह्मण भोजन एवं दान-दक्षिणा, अनुष्ठान की विशेष आवश्यकताओं तथा अन्य व्यवस्थाओं (जैसे भोजन एवं निवास) के अनुसार परिवर्तित हो सकता है।

सटीक Tripindi Shraddha Puja Cost (त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा खर्च), आवश्यक पूजा सामग्री, अनुष्ठान की अवधि एवं व्यक्तिगत धार्मिक मार्गदर्शन के लिए पंडित माधव शास्त्री गुरुजी से पूजा बुकिंग से पहले परामर्श कर लें।

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Tripindi Shraddha Puja Vidhi Dates 2026 (त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा शुभ तिथियां २०२६)

त्र्यंबकेश्वर (नाशिक) धाम में Tripindi Shraddha Puja (त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा) पितरों की शांति, सद्गति एवं पितृ दोष निवारण की कामना से किया जाने वाला महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है। वर्ष २०२६ में त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा के लिए अमावस्या, पितृ पक्ष एवं अन्य उपयुक्त तिथियों को विशेष महत्व दिया जाता है।

  • January 2026 – 1, 3, 4, 5, 7, 10, 11, 12, 14, 17, 18 (मौनी अमावस्या), 19, 21, 24, 25, 26, 28, 31
  • February 2026 – 1, 2, 4, 7, 8, 9, 11, 14, 15, 16 (महाशिवरात्रि), 17, 21, 22, 23, 25, 28
  • March 2026 – 1, 2, 4, 7, 8, 9, 11, 12, 14, 15, 16, 19 (फाल्गुन अमावस्या), 21, 22, 23, 25, 28, 29, 30
  • April 2026 – 1, 2, 4, 5, 6, 8, 11, 12, 13, 15, 17 (चैत्र अमावस्या), 18, 19, 20, 22, 25, 26, 27, 30
  • May 2026 – 2, 3, 4, 6, 9, 10, 11, 13, 16 (वैशाख अमावस्या), 17, 18, 20, 23, 24, 25, 27, 30, 31
  • June 2026 – 1, 3, 6, 7, 8, 10, 12 (ज्येष्ठ अमावस्या / वटसावित्री), 13, 14, 15, 17, 20, 21, 22, 24, 27, 28, 29
  • July 2026 – 1, 2, 4, 5, 6, 8, 11, 12, 13, 14 (आषाढ़ अमावस्या), 16, 18, 19, 20, 22, 25, 26, 27, 29
  • August 2026 – 1, 2, 3, 5, 8, 9, 10, 12, 14 (श्रावण अमावस्या), 15, 16, 17, 19, 22, 23, 24, 26, 28, 29, 30, 31
  • September 2026 (विशेष पितृ पक्ष) – 2, 3, 5, 6, 7, 9, 11, 12, 13, 14, 16, 19, 20, 21, 23, 26, 27, 28, 30 (यह पूरा महीना पितृ विसर्जन और श्राद्ध कर्म के लिए सर्वोत्तम है)
  • October 2026 – 1, 3, 4, 5, 7, 10 (सर्वपितृ अमावस्या / भाद्रपद अमावस्या), 11, 12, 14, 17, 18, 19, 21, 24, 25, 26, 28, 31
  • November 2026 – 1, 2, 4, 7, 8, 9, 11 (कार्तिक अमावस्या - दीपावली), 14, 15, 16, 18, 21, 22, 23, 25, 28, 29, 30
  • December 2026 – 2, 3, 5, 6, 7, 8, 10 (मार्गशीर्ष अमावस्या), 12, 13, 14, 16, 19, 20, 21, 23, 26, 27, 28, 31

विशेष नोट: Tripindi Shraddha Puja (त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा) के लिए केवल सामान्य कैलेंडर तिथि के आधार पर पूजा निश्चित करना उचित नहीं माना जाता। पूजा की उपयुक्त तिथि यजमान की पारिवारिक परंपरा, पितृ कर्म की आवश्यकता, स्थानीय पंचांग, तिथि, नक्षत्र एवं धार्मिक परिस्थितियों के अनुसार निर्धारित की जा सकती है।

विशेष रूप से Pitru Paksha (पितृ पक्ष), Sarva Pitru Amavasya (सर्वपितृ अमावस्या) एवं अन्य अमावस्या तिथियों को पितृ कर्म, तर्पण एवं श्राद्ध अनुष्ठानों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

इसलिए त्र्यंबकेश्वर में त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा की तिथि निश्चित करने से पूर्व पंडित माधव शास्त्री गुरुजी से परामर्श अवश्य करें, ताकि पंचांग एवं शास्त्रोक्त परंपराओं के अनुसार आपके लिए उपयुक्त पूजा तिथि एवं धार्मिक मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सके।

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Clients Testimonials

हम पिछले कुछ वर्षों से पारिवारिक अशांति और जीवन में बार-बार आने वाली बाधाओं से परेशान थे। पितृ दोष और पूर्वजों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए हम त्र्यंबकेश्वर आए और पंडित माधव शास्त्री गुरुजी से मिले। गुरुजी ने हमारी परिस्थिति को समझकर त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा विधि-विधान से संपन्न कराई। पूजा के बाद हमें मानसिक शांति और सकारात्मकता का अनुभव हुआ। गुरुजी का मार्गदर्शन बहुत ही सरल और स्पष्ट था तथा पूजा की पूरी व्यवस्था व्यवस्थित तरीके से की गई।

रमेश कुलकर्णी
मुंबई

काफी समय से हमारे परिवार में कार्यों में रुकावटें और मानसिक अशांति बनी हुई थी। पंडित माधव शास्त्री गुरुजी के मार्गदर्शन में हमने त्र्यंबकेश्वर में त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा कराई। गुरुजी ने हमें पूजा की पूरी विधि और महत्व समझाया तथा पितरों की शांति के लिए शास्त्रोक्त तरीके से अनुष्ठान संपन्न कराया। पूजा के दौरान सभी आवश्यक सामग्री और व्यवस्थाएं समय पर उपलब्ध थीं। पूजा संपन्न होने के बाद मन को बहुत शांति मिली। गुरुजी और उनकी टीम की पारदर्शी व्यवस्था के लिए धन्यवाद।

आनंद शाह
अहमदाबाद

हमारे परिवार में लंबे समय से कुछ समस्याएं और तनाव बना हुआ था। पितरों की शांति और पितृ दोष निवारण की कामना से हमने पंडित माधव शास्त्री गुरुजी से संपर्क किया और त्र्यंबकेश्वर में त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा कराई। गुरुजी ने हमें पूरे अनुष्ठान की प्रक्रिया सरल भाषा में समझाई और विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई। पूजा के बाद हमें मानसिक शांति और सकारात्मक अनुभव हुआ। गुरुजी का व्यवहार, मार्गदर्शन और पूजा की व्यवस्था बहुत अच्छी थी। उनके सहयोग और उचित धार्मिक मार्गदर्शन के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

दिव्या शर्मा
दिल्ली
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